Objective Questions Answer for B.A. IRPM Honours Part 1 for Paper 1 Pdf | Objective Questions Answer for IRPM Honours annual exam 2021 pdf download
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Objective Questions for IRPM Honors
✍️ Tilka Manjhi Bhagalpur University & other universities ✍️
For B.A. PART 1
✓Industrial Relations and Personnel Management
Labour Economics (1st paper )
श्रम अर्थशास्त्र
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Labour Economics - Objective Questions
( श्रम अर्थशास्त्र ) - वस्तुनिष्ठ प्रशन
PAPER I
Chapter 1 ( Labour Economics / श्रम अर्थशास्त्र )
1. श्रम अर्थशास्त्र श्रम समस्या का अध्ययन है - सत्य
2. श्रम अर्थशास्त्र एक स्वतंत्र विषय बन गया है - सत्य
3. श्रम अर्थशास्त्र श्रम समस्या के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन है - सत्य
4. श्रम अर्थशास्त्र का विकास औद्योगिक क्रांति के पश्चात् हुआ - सत्य
5. श्रम अर्थशास्त्र श्रम समस्याओ के औद्योगिक पहलुओं का अध्ययन है - सत्य
6. श्रम अर्थशास्त्र श्रम समस्याओ के सामाजिक पहलुओं का अध्ययन है - सत्य
7. श्रम अर्थशास्त्र के अध्ययन की एक प्रालि आगमन प्रणाली भी है - सत्य
8. श्रम अर्थशास्त्र के अध्ययन की दो पद्धितति है ( आगमन एवं निगमन ) - सत्य
9. श्रम अर्थशास्त्र, अर्थशास्त्र की एक शाखा है - सत्य
10. हड़ताल एक श्रम समस्या नहीं है - असत्य
11. सामाजिक सुरक्षा सम्बन्धी समस्या का अध्ययन श्रम अर्थशास्त्र के अन्तर्गत ही किया जाता है - सत्य
12. श्रम अर्थशास्त्र विज्ञानं एवं कला का मिश्रण है - सत्य
13. श्रम अर्थशास्त्र केवल विज्ञानं है - असत्य
14. श्रम अर्थशास्त्र श्रमिकों एवं नियोजकों के बीच सम्बन्ध स्थापित करता है -सत्य
15. श्रम अर्थशास्त्र के अध्ययन क्षेत्र सिमित हैं - असत्य
16. निगमन पद्धत्ति मानसिक प्रयोग की रीती है - सत्य
Chapter 2 ( Labour Market / श्रम बाजार )
1. श्रम बाजार एक पूर्ण बाजार है - असत्य
2. श्रम बाजार में श्रमिक श्रम के क्रेता होते है -असत्य
3. वस्तु बाजार एक अपूर्ण बाजार है - असत्य
4. श्रम बाजार एक अपूर्ण बाजार है - सत्य
5. श्रम बाजार में श्रम की माँग एवं पूर्ति होती है - सत्य
6. श्रम बाजार में नियोजक अपना श्रम बेचते हैं - असत्य
7. नियोजक श्रम का क्रेता होता है - सत्य
8. श्रम बाजार एवं वस्तु बाजार में अंतर नहीं होता है - असत्य
9. श्रम बाजार मानकयुक्त होता है - असत्य
10. जनसँख्या श्रम के पूर्ति को प्रभावित नहीं करती है -असत्य
11. श्रम गतिशील है - सत्य
12. श्रम गतिहीन है - असत्य
13. जब श्रम का मूल्य गिरता है तब इसकी मांग बढ़ती है - असत्य
14. भारतीय श्रम की विशेषता उसकी एकरूपता है - असत्य
15. श्रम एक वस्तु है - असत्य
16. श्रम बाजार श्रम अर्थशास्त्र का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है - सत्य
17. बाजार का क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय नहीं भी हो सकता है - सत्य
18. श्रम बाजार की सर्वश्रेष्ठ परिभाषा एली ने दी थी - सत्य
19. श्रम सेवाओं में व्यापक समानता होती है -असत्य
20. मजदूरी ही श्रम समस्या की धूरि है- सत्य
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Chapter 3 ( Wage Theories / मजदूरी सिद्धान्त )
1. मजदूरी के जीवन निर्वाह सिद्धांत का प्रतिपादन डेविड रेकॉर्डों ने किया - सत्य
2. मजदूरी के जीवन निर्वाह सिद्धांत को ही मजदूरी का लौह सिद्धांत कहा जाता है - सत्य
3. मजदूरी के सीमांत उत्पादकता का प्रतिपादन जे. बी. क्लार्क ने किया था - सत्य
4 . न्यूनतम मजूदरी, मजदूरी का एक प्रकार है - सत्य
5. मजदूरी और पूर्ति सिद्धांत को ही मजदूरी का आधुनिक सिद्धांत कहा जाता है - सत्य
6. मजदूरी के आधुनिक सिद्धांत का प्रतिपादक आदम स्मिथ है - सत्य
7. सीमांत श्रमिक का अर्थ अंतिम श्रमिक होता है - सत्य
8. न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए एक नियामक अधिनियम है -सत्य
9. मुद्रा रूप या नगद मजदूरी तथा वास्तविक मजदूरी म, मजदूरी के घातक है - सत्य
10. कोई कारखाना चाहे तो न्यूनतम मजूदरी से कम मजदूरी किसी श्रमिक को दे सकती है - असत्य
11. न्यूनतम मजूदरी एक अंतरराष्ट्रीय श्रम विधान है - सत्य
12. उचित मजदूरी समिति का गठन 1940 में हुआ - असत्य ( 1948 में )
13. मजदूरी के सामूहिक सिद्धांत के प्रतिपादक प्रो. डेविडसन थे - असत्य ( सिडनी वेब्ब )
14. न्यूनतम मजूदरी कृषि उद्योग पर लागु नहीं है - असत्य
15. उचित मजदूरी न्यूनतम मजूदरी से अधिक होती है - असत्य
16. सामूहिक सौदेबाजी औद्योगिक विवाद को बढ़ाता है - असत्य
17. ईकाई के आधार पर मजदूरी भुगतान को समयानुसार मजदूरी कहते है - असत्य
18. सामान्यतः महिला एवं पुरुष श्रमिकों की मजदूरी में विंन्ता नहीं होती है - असत्य
19. न्यूनतम मजूदरी श्रमिकों की न्यूनतम आवश्यकताओं पर आधारित है - सत्य
20. मजदूरी समिति द्विपक्षीय निकाय है - सत्य
21. निर्वाह मजदूरी को अपर्याप्त मजदूरी भी कहा जाता है - सत्य
Chapter 4 ( Wage Difference / वेतनान्तर )
1.वेतनान्तर के मुख्यतः तीन प्रकार है - असत्य ( 6 )
2. लिंग के आधार पर वेतनान्तर न्यायोचित है - असत्य
3. सामान कार्य के लिए सामान वेतन अधिनियम 1970 में लागु हुआ - असत्य ( 1976 )
4. व्यवसायिक एवं कौशल के आधार पर मजदूरी में अंतर उचित है - सत्य
5. सामाजिक सुरक्षा अधिनियम 1998 में बना - सत्य
6. अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन की स्थापना 1920 ईस्वी में हुई - असत्य ( 1919 )
7. मजदूरी ही श्रमिकों के जीवन का आधार है - सत्य
Chapter 5 ( Unemployment / बेरोजगारी )
1. जनसँख्या बृद्धि बेरोजगारी का एक कारण है - सत्य
2. चक्रीय बेरोजगारी मंदी से सम्बंधित नहीं है - असत्य
3. प्रच्छन्न बेरोजगारी , बेरोजगारी का एक प्रकार है - सत्य
4. बेरोजगारी से केवल भारत प्रभावित है - असत्य
5. बेरोजगारी भारत के लिए एक बड़ी समस्या है - सत्य
6. मनरेगा शहरी बेरोजगारी को दूर करने की योजना है - असत्य
7. जवाहर रोजगार योजना बेरोजगारी से सम्बंधित है - सत्य
8. चक्रीय बेरोजगारी पूंजीवादी अर्थवयवस्था की देन है - सत्य
9. भारत में शिक्षा उचित पद्धत्ति की नहीं है - सत्य
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Chapter 6 ( Labour Productivity /श्रम उत्पादकता )
1. उत्पादकता राष्ट्रीय आय को बढाती है - सत्य
2. उत्पादकता बढ़ने से उत्पादन नहीं बढ़ता है - असत्य
3. उत्पादन बढ़ने से उत्पादकता बढ़ती है - असत्य
4. लागत एवं उत्पादन के अनुपात को उत्पादकता कहा जाता है - सत्य
5. उत्पादकता श्रम निवेश तथा उत्पादन का अनुपात है - सत्य
6. कुशल श्रमिक उत्पादकता को घटते है - असत्य
7. उच्चतम मजदूरी श्रम उत्पादकता में बृद्धि करता है - सत्य
8. श्रम उत्पादकता श्रम आगत और श्रम निर्गत के अनुपात को कहा जाता है - असत्य
9. भारत में श्रम उत्पादकता केंद्र की स्थापना 1961 ईस्वी में हुई - असत्य ( 1954 )
10. भारत में श्रम उत्पादकता परिषद् 1958 में बना - सत्य
Chapter 7 ( Economy Institutions / आर्थिक संस्थान )
1. आर्थिक वयवस्था मुख्यतः दो प्रकार के होते है - असत्य ( 3 )
2. पूंजीवादी अर्थवयवस्था में श्रम समस्याएँ नहीं होती है - असत्य
3. समाजवाद में पूँजीवाद की अपेक्षा काम श्रम समस्याएं होती है - सत्य
4. पूंजीवादी अर्थवयवस्था में मजदूरी अंतर नहीं किया जाता है - असत्य
5. श्रम सदैव ही संपत्ति का सक्रीय साधन होता है -सत्य
NOTE :
1. राष्ट्रीय श्रम आयोग का गठन 1966 में हुआ।
2. बंधुआ मजदूरी उन्मूलन अधिनियम 1976 में बना।
3. बिहार सर्कार श्रम विभाग एक त्रिपक्षीय निकाय है।
4. बिहार में कौशल विकास परियोजना 2016 से चल रही है।
* केवल इन प्रश्नो से पुरे प्रश्न नहीं रहेंगे एग्जाम में इसलिए अपनी भी तैयारी अवश्य करें .
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